नूतनामृत सागर (Nootanamrit Sagar) : एक लुप्त दिव्य ग्रंथ की खोज और कायाकल्प का पुनर्जन्म (खंड – 1)

नूतनामृत सागर (Nootanamrit Sagar): आयुर्वेद केवल चिकित्सा पद्धति नहीं, बल्कि जीवन का वह शाश्वत सत्य है जो स्वयं ब्रह्मा जी ने स्मरण किया था। लेकिन […]

ताम्र जल

ताम्र जल – ‘तांबे के बर्तन का पानी पीना’ भारतीय परंपरा में स्वास्थ्यवर्धक आदत मानी जाती है। आयुर्वेद में इसे “ताम्र जल” कहा गया है […]

केले के पत्ते पर भोजन: सदियों पुरानी परंपरा, आधुनिक विज्ञान की कसौटी

केले के पत्ते पर भोजन – दक्षिण भारत और कई एशियाई संस्कृतियों में सदियों से केले के पत्ते पर भोजन परोसने और खाने की परंपरा […]

काकोली (Roscoea purpurea): सम्राटों की जड़ी और आयुर्वेद का अमूल्य खजाना

हिमालय की गोद में पनपने वाली काकोली (Roscoea purpurea) को आयुर्वेद में “सम्राटों की जड़ी” कहा जाता है। यह नाम केवल इसकी दुर्लभता के कारण […]

जब बदन ठंडा पड़ने लगे: कोरामिन की जगह सुरक्षित विकल्प

कभी हमारे गाँव–कस्बों में एक वाक्य बहुत आम था — “बदन ठंडा पड़ने लगा है, कोरामिन का इंजेक्शन दे दो!” यह आम जन की भाषा […]

मोबाइल-रेडिएशन के हानि: एक वैज्ञानिक समीक्षा

मोबाइल-रेडिएशन के हानियों की खबर बराबर पढने को मिलती है। कभी किसी सन्यासी तो कभी किसी फिल्म अभिनेत्री के बयान के रूप में। जो इसकी […]

आयुर्वेदिक चिकित्सा: खोई दृष्टि वापस

(आयुर्वेद दिवस 23 सितम्बर के उपलक्ष में वैद्य अजित करण के दस दिवसीय आयुर्वेद लेखमाला की पहली कङी – 14 सितम्बर दिन 1: वह चमत्कारी […]

नेपाल आयुर्वेदिक जड़ी-बूटियां – खोया स्वर्ग ? अशांति ने आयुर्वेद की चमक को कैसे धुंधला किया

नेपाल, हिमालय की गोद में बसा, सदियों से “जड़ी-बूटियों का स्वर्ग” कहलाता रहा है। इसकी विविध जलवायु और ऊंचाइयाँ औषधीय पौधों की एक अनूठी श्रृंखला […]