माघ पूर्णिमा स्नान: धार्मिक शुद्धि से आगे आयुर्वेदिक लाभ

माघ पूर्णिमा स्नान केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि आयुर्वेदिक स्वास्थ्य विज्ञान का महत्वपूर्ण अंग है। आज (1 फरवरी 2026) माघ पूर्णिमा के अवसर पर सूर्योदय […]

ताम्र जल

ताम्र जल – ‘तांबे के बर्तन का पानी पीना’ भारतीय परंपरा में स्वास्थ्यवर्धक आदत मानी जाती है। आयुर्वेद में इसे “ताम्र जल” कहा गया है […]

केले के पत्ते पर भोजन: सदियों पुरानी परंपरा, आधुनिक विज्ञान की कसौटी

केले के पत्ते पर भोजन – दक्षिण भारत और कई एशियाई संस्कृतियों में सदियों से केले के पत्ते पर भोजन परोसने और खाने की परंपरा […]

काकोली (Roscoea purpurea): सम्राटों की जड़ी और आयुर्वेद का अमूल्य खजाना

हिमालय की गोद में पनपने वाली काकोली (Roscoea purpurea) को आयुर्वेद में “सम्राटों की जड़ी” कहा जाता है। यह नाम केवल इसकी दुर्लभता के कारण […]

जब बदन ठंडा पड़ने लगे: कोरामिन की जगह सुरक्षित विकल्प

कभी हमारे गाँव–कस्बों में एक वाक्य बहुत आम था — “बदन ठंडा पड़ने लगा है, कोरामिन का इंजेक्शन दे दो!” यह आम जन की भाषा […]

मोबाइल-रेडिएशन के हानि: एक वैज्ञानिक समीक्षा

मोबाइल-रेडिएशन के हानियों की खबर बराबर पढने को मिलती है। कभी किसी सन्यासी तो कभी किसी फिल्म अभिनेत्री के बयान के रूप में। जो इसकी […]

रिसिन (Ricin) : अरंडी के बीज में छुपा घातक जैविक हथियार और आयुर्वेद की सुरक्षित विरासत

रिसिन (Ricin) नामक एक अत्यंत घातक रासायनिक जहर जो अरंडी के बीज से बनता। पर एरण्ड तेल, एरण्ड पाक तथा अन्य कई नियमित उपयोग की […]

आयुर्वेदिक चिकित्सा: खोई दृष्टि वापस

(आयुर्वेद दिवस 23 सितम्बर के उपलक्ष में वैद्य अजित करण के दस दिवसीय आयुर्वेद लेखमाला की पहली कङी – 14 सितम्बर दिन 1: वह चमत्कारी […]

नेपाल आयुर्वेदिक जड़ी-बूटियां – खोया स्वर्ग ? अशांति ने आयुर्वेद की चमक को कैसे धुंधला किया

नेपाल, हिमालय की गोद में बसा, सदियों से “जड़ी-बूटियों का स्वर्ग” कहलाता रहा है। इसकी विविध जलवायु और ऊंचाइयाँ औषधीय पौधों की एक अनूठी श्रृंखला […]

यौन कल्याण के लिए अश्विनी मुद्रा

अपनी पत्नी को आश्चर्य में डालें। यौन कल्याण के लिए अश्विनी मुद्रा। जानें कि कैसे यह योग तकनीक कामशक्ति को बढ़ाती है और स्वाभाविक रूप […]